कीटो डाइट क्या है ? Keto Diet in Hindi

Keto Diet in Hindi
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शरीर में मोटापा कम करने के लिए Keto Diet  आजकल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला वेट लॉस डाइट प्लान है. 

कीटो डाइट को लो-कार्ब डाइट, लो-कार्ब हाई फैट डाइट भी कहते है |कीटो डाइट में  कम कार्बोहाइट्रेड वाली चीजों की प्राथमिकता होती है. 

इस डाइट से लिवर में कीटोन पैदा होता है. इस डाइट को कीटोजेनिक डाइट, लो कार्ब डाइट या फैट डाइट जैसे नामों से भी जाना जाता है.

इस डाइट में फैट का सेवन ज्यादा, प्रोटीन का मीडियम और कम कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाई जाती हैं | 

कीटो डाइट में कार्ब की मात्रा सबसे कम, फैट की मात्रा सबसे अधिक और प्रोटीन की मात्रा फैट और कार्ब के बीच होती है।  

एक स्टैंडर्ड कीटो डाइट में 70 फीसदी फैट, 25 फीसदी प्रोटीन और 5 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए.

कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके फैट से ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है | इस प्रोसेस को कीटोसिस कहा जाता है. 

हमारी नॉर्मल डाइट में प्रोटीन कार्ब हाई होता है और प्रोटीन की मात्रा काफी कम होती है और फैट मीडियम होता है, जिस कारण अधिकतर लोग सेहत के मामले में पीछे रहते है |

ऐसा माना जाता है कि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाना खाने से शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन का उत्पादन होता है इसे शरीर में फैट जमा होने लगता है |

जब आप ज्यादा कार्ब खाते हैं, तो उनमें से कुछ भाग को तो बॉडी  ग्लूकोज में कन्वर्ट करके किसी काम या शरीरिक एक्टिविटी के द्वारा खर्च कर देती है और बाकी का  ग्लूकोस हमारे  शरीर में फैट के रूप में स्टोर हो जाता है, जिससे हम  धीरे-धीरे मोटे होते जाते  हैं। 

कार्ब को ग्लूकोस में बदलने के लिए हमारे शरीर के लिए सबसे आसान काम होता है। 

हमको अपना  वजन कम करने के लिए शरीर  में ग्लूकोस को कम करना होगा और ग्लूकोस बनता है हमारे शरीर में कार्ब से तो इसका सीधा सा मतलब है की हमको कार्ब्स की मात्रा भोजन में कम करनी होगी।

कीटो डाइट में जब हम भोजन में कार्व नहीं लेते तो शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है भोजन में मौजूद फैट | 

कीटो डाइट इंसान को फैट बर्निंग मशीन बना देती है, शरीर में जरुरु ऊर्जा के लिए फैट बर्न होता है |

कीटो भोजन लेने से हमारे लिवर में कीटोन्स बनते है इसको कीटो स्टेज बोलते है | 

इसमें शरीर की मुख्या ऊर्जा का स्त्रोत फैट बन जाता है | कार्व अब हमारे भोजन में शामिल नहीं है तो शरीर ऊर्जा के लिए फैट का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है | 

इससे शरीर में जमा आपकी चर्बी घुलने लगती है और मोटापा काम होना शुरू हो जाता है |

हमारे भोजन में कीटो डाइट लेते हुए एक बराबर मात्रा में प्रोटीन होना चाहिए ताकि शरीर मसल्स को तोडना शुरू न करे |

क्या खाना चाहिए – Keto diet Mein Kya Khana Chahiye ?

कीटो डाइट शाकाहारी व मांसाहारी दोनों ही के लिए है और यह बहुत सरल भी  हैं। 

हर व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से कीटो फ़ूड की लिस्ट  को ध्यान में रखते हुए खाने पीने  की चीज़ों को  चुन सकता है । 

 मांसाहारी इंसान कीटो डाइट में मटन, चिकन,मछली और अंडे को शामिल कर सकता है, वहीं शाकाहारी ब्यक्तियों  के लिए हरे पत्तेदार सब्जियां, मशरूम, फूलगोभी, शिमला मिर्च,ब्रोकली, फ्रेंच बीन्स को अपने खाने में ले सकता है। 

कीटो डाइट में फैट बहुत ज़्यादा होता है, इसलिए डाइट में मुख्य रूप से पनीर, उच्च वसायुक्त क्रीम और मक्खन का इस्तेमाल करना चाहिए। 

कीटो डाइट में  मूंगफली का तेल, नारियल तेल,अखरोट, सूरजमुखी के वीज,जैतून के तेल, उच्च वसा वाले सलाद का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद रहता है |

नट्स और सीड्स उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ होते हैं और लो कार्ब की श्रेणी में आते हैं। 

ये हाई फाइबर भोजन हैं जो आपके पेट को भरने में मदद करते हैं और बहुत ही कम कैलोरी को अवशोषित करते हैं।  

केटोजेनिक आहार में बादाम, काजू, पिस्ता, आदि शामिल कर सकते हैं।

इन चीज़ों को न करें शामिल – Keto Diet Mein Kya Nahi Khana Chahiye ?

अगर आप कीटो डाइट को फॉलो कर रहे है तो उसे कुछ खास खाने पीने की चीज़ों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।  

कीटो डाइट में गेंहू,चावल, मक्का व अनाज को भोजन में नहीं लेना है।

 कीटो डाइट के दौरान चीनी, सेब, केले, नांरगी, आलू व अन्य जिमीकंद सब्जियों का सेवन भी नहीं किया जाता है कियुँकि इनमे ज़्यादा कार्व पाया जाता है | 

कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, जूस, स्पोर्ट्स ड्रिंक, चॉकलेट, केक, बन्स, पेस्ट्री, और आइसक्रीम को भी न खाएं 

कीटो डाइट के फायदे - Benefits of Keto Diet

  1. कीटो डाइट को फॉलो करने वाले लोगों में पाया गया है की उनको  हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है क्योंकि यह डाइट शरीर में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल्स, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कम कर देती है।
  2. अल्जाइमर की बीमारी से ग्रसित लोग भी कीटो डाइट फालो कर सकते हैं क्योंकि इस डाइट में अल्जाइमर को कम करने की क्षमता  है। 
  3. कीटो डाइट मधुमेह के रोगियों के लिए भी फायदेमन्द है | कीटो डाइट रक्त में शुगर के लेवल को कम करते हुए डायबिटीज़ को रोकने का काम करती है।
  4.  कीटो डाइट (keto diet) मानसिक शक्ति को मजबूत करती है और हमारे मस्तिष्क को ऊर्जा भी देती है। कीटो डाइट  दिमाग की एकाग्रता को बढ़ाने में मददगार हैं। अधिक मात्रा में फैट्स लेने से हमारा मस्तिष्क अधिक सक्रिय और एनर्जी से भरपूर हो जाता है।
  5.  कीटो डाइट से शरीर के मेटाबॉलिज्म का स्तर पहले की अपेक्षा अधिक काम करने लगता है, जिससे फैट ज्यादा बर्न होता है और शरीर को एनर्जी भी मिलती है।
  6. keto diet से हमारे शरीर को ऊर्जा का एक बेहतर स्त्रोत मिलता है, हम शरीर से ज़्यादा एक्टिव और अधिक ऊर्जावान महसूस करते है।
  7. कीटो डाइट लेने से आपकी त्वचा में खुद-ब-खुद सुधार होने लगता है और स्किन की चमक बढ़ जाती है। 
  8. शरीर में स्टार्च और काम फाइबर वाली सब्ज़ियां लेने से यह समस्या दूर होती है |

कीटो डाइट के नुक्सान - Keto Diet ke Nuksan

  1. कीटो डाइट (keto diet) से शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से पैरों और शरीर में ऐंठन होने लगती है। शरीर में खनिज और मैग्नीशियम की कमी से भी यह समस्या हो सकती है। खाने में तरल पदार्थ लेने से यह समस्या ठीक हो जाती है |
  2. कीटो डाइट से आम होने वाली कब्ज़ की समस्या है | शरीर में पानी की कमी से यह होता है | शरीर को पर्याप्त फाइबर और पोषक तत्व नहीं मिल पाते और कार्बोहाइड्रेट भी कम लिया जाता है, जिसका सीधा प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर पड़ता है। 
  3. कीटो डाइट में आपको भूख कम लगती है विभिन्न पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। 
  4. सिरदर्द, जी मचलाना, भारीपन लगना या उल्टी जैसा मन होना कीटो डाइट के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। 
  5. इस डाइट को लेते समय घबराहट, सांस लेने में परेशानी या दिल की धड़कन आसामन्य होना जैसी परेशानियां भी होती हैं लेकिन यह सामान्य बात है 

Keto Diet Plan in Hindi - कीटो डाइट प्लान हिंदी में

कीटो डाइट शरीर के अनुसार कीटो डाइट प्लान बनता है परन्तु हम आपको कॉमन कीटो डाइट चार्ट (keto diet plan) बता रहे हैं, जिसका पालन करना बहुत आसान है। आप निचे लिखी हुई चीज़ों को मिलकर अपना डाइट प्लान बना सकते है परन्तु इसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए | इसके लिए आप कीटो डाइट प्लानर की मदद लीजिये |

  • आहार में पनीर, अंडे, सब्जियां, प्राकृतिक वसा, कुछ मसालों आदि को शामिल किया जाता है। बहुत सारा पानी पीना भोजन पाचन  की प्रक्रिया में मदद करता है और वसा को कम करने में मदद करता है।
  • सब्जियाँ जैसे पालक, शतावरी, बैंगन, खीरा, शिमला मिर्च, नींबू आदि अपने भोजन में शामिल करें ।
  • फल जैसे रास्पबेरी, स्ट्रॉबेरी, खरबूजा, तरबूज,अवोकेडो, आड़ू आदि शामिल कर सकते है ।
  • नट्स में अखरोट, हेज़लनट, मूंगफली, आदि ले सकते है ।
  • अंडे और पनीर को भी शामिल कर सकते है |
  • क्रीम, क्रीम चीज़, सोया सॉस, सालसा, नारियल तेल, सरसों आदि का तेल इस्तेमाल कर सकते है ।

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