एक किसान का फूटा घड़ा – Moral Story in Hindi

The Moral Story in Hindi

आज की इस Moral Story in Hindi का नाम है फूटा घड़ा ( Ek Phoota Ghada )|

एक गांव में रामू नाम का एक किसान रहता था उसका एक छोटा सा खेत था रामू के पास दो मिट्टी के घड़े थे |


जिसके द्वारा वह हर रोज अपने घर के लिए पानी लाता था लेकिन उनमें से एक घड़ा फूटा हुआ था |

नदी से जब रामू पानी लाता था तब एक घड़े का पानी भरा रहता थाऔर दूसरे घड़े का आधा पानी निकल जाता था |

वह आधा ही भरा रहता था फूटा घड़ा बहुत उदास रहता था कि वह बस सिर्फ आधा पानी ही किसान के घर तक पहुंचा पाता है |

साबुत घड़े को इस बात का बहुत घमंड रहता था |

वह पूरा पानी किसान के घर पहुंचाता है इसलिए वह टूटे घड़े से कहता था कि तुम किसान की पूरी मेहनत खराब कर देता है |

यह सुनकर फूटा घड़ा बहुत दुखी होता था और एक दिन किसान उन दोनों घड़ों की बातें सुन लेता है |

तब वह फूटे घड़े से बोलता है तुम सिर्फ अपनी बुराई देख रहे हो लेकिन मैं तुम्हारी बुराई के साथ छिपी हुई तुम्हारी अच्छाई को भी देख रहा हूं |

इसलिए मुझे कभी भी तुम में कोई बुराई दिखाई नहीं दी तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि तुम मेरे किसी काम के नहीं हो जाने अनजाने में तुमने मेरी बहुत मदद की है|

लेकिन वह कैसे फूटे घड़े ने कहा जब मैं नदी से पानी भरकर लता हूँ तब तुम्हारा आधा पानी जमीन पर गिरता है जिससे वहां फूलों को उगने में मदद मिलती है| फिर तुम ही कैसे कह सकते हो तुम मेरे किसी काम के नहीं हो |

फूटा घड़ा कहता है इन सब में फिर आपकी मदद कैसे हुई ?

रामु कहता है , ” वह ऐसे कि अब मैं खेती के साथ-साथ फूलों को भी बाजार में बिक्री करता हूं, जिससे मेरे पास अधिक धन आ जाता है |

जिससे मैं उस धन से और अधिक खाद और बीज खरीद लेता हूं |इसलिए तुम आज के बाद अपने आप को कभी भी कम मत समझना |

इस कहानी का Moral Story in Hindi निचे दिया गया है


बच्चों हमें इस कहानी से क्या सीख मिलती है हमें कभी भी किसी का मजाक नहीं बनाना चाहिए या किसी को काम नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसकी अच्छाई को ढूंढ कर उसकी प्रशंसा और आधर करना चाहिए

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